लखनऊ। उत्तर प्रदेश साहित्य सभा की ओर से आयोजित राष्ट्रीय पुस्तक मेले के सफल आयोजन के बाद समीक्षा बैठक का आयोजन कबीर शांति मिशन में किया गया। बैठक में पुस्तक मेले से जुड़े लगभग सभी प्रमुख लोग उपस्थित रहे। इस दौरान मेले के अंतर्गत दस दिनों तक आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों, साहित्यिक गतिविधियों और व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक में उपस्थित सदस्यों ने राष्ट्रीय पुस्तक मेले के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे साहित्य, पुस्तक संस्कृति और पाठकों के बीच संवाद को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया। वक्ताओं ने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में पढ़ने की संस्कृति को प्रोत्साहित करने के साथ ही लेखकों, साहित्यकारों, प्रकाशकों और पाठकों को एक साझा मंच प्रदान करते हैं।

समीक्षा बैठक के दौरान मेले में आयोजित दस दिनों के कार्यक्रमों और उनसे जुड़े अनुभवों पर चर्चा की गई। सदस्यों ने आयोजन की उपलब्धियों पर संतोष जताया और भविष्य में ऐसे आयोजनों को और अधिक व्यापक एवं प्रभावी बनाने के लिए अपने विचार भी साझा किए।

इस अवसर पर राष्ट्रीय पुस्तक मेले के आयोजक श्री मनोज सिंह चंदेल के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया। उपस्थित लोगों ने उनके प्रयासों, समर्पण और आयोजन को सफल बनाने में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका के लिए धन्यवाद प्रेषित किया।

बैठक में उत्तर प्रदेश साहित्य सभा के केंद्रीय अध्यक्ष श्री बलराम श्रीवास्तव भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति में साहित्यिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने और पुस्तक मेलों जैसे आयोजनों के माध्यम से साहित्य एवं पुस्तक संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने के महत्व पर चर्चा हुई।

बैठक का समापन सफल पुस्तक मेले के आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए हुआ। उपस्थित सदस्यों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी तरह साहित्यिक आयोजनों के माध्यम से लखनऊ की साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को नई दिशा मिलती रहेगी।